बहादुर लड़की



बात उन दिनों की है जब मै इंटर की परीछा दे रहा था मै उन दिनों परीछा केंद्र से परीछा देकर ऑटो से वापस आ रहा था और मै ड्राईबर की बगल वाली सिट पर बैठा था अचानक एक लड़की ऑटो में आकर पीछे वाली सिट में बैड गई और उसके साथ ही जल्दवादी में एक लड़का ऑटो में चढ़ता   हुआ दिखाई दिया और वोह लड़की के बगल में बैठ गया हम कुछ ही दूर पहुचे थे की पीछे से जोरदार की एक तमाचे  की आवाज आई अचानक ऑटो में बैठे सभी लोग दंग रह गए लड़की बहुत गुस्से में थी और वोह जोर से लड़के से कह रही थी की आखिर तू पूछेगा नहीं की मैंने थप्पण क्यों मारा ? लड़के के मुह से आवाज नहीं निकल रही थी सायद वोह डर गया था वोह इसलिए सायद डर गया था की माहोल बिगड़ गया है अगर कुछ बोला तो उसकी धुनाई पक्की है लेकिन सारी सवारिया यह जानने के लिए उत्सुक  थी की आखिर  हुआ क्या  लेकिन ऑटो वाला ऑटो रोकने की बजाये चलाये जा रहा था ? सारी सवरिया अनजान बनकर पूछने लगी क्या हुआ ? मैंने सोचा की लड़की हिचकिचाएगी  और आज के इस लफंगे को सबक मिलने से रह जायेगा  पर वोह बहुत साहसी लड़की निकली , उसने ऑटो वाले से कहा अगर वोह उस लड़के को ऑटो से नहीं उतारेगी तो वोह खुद उतर कर दूसरा ऑटो ले लेगी  ! फिर उस लड़की ने सवारियो को बताया की वोह लड़का काफी दिनों से रोज ऑटो में आकर बैठ जाता था लकिन आज उसने गलत हरकत की तो मैंने भी सबक सिखाने  में देर नहीं की उसने कहा अगर मै ऐसा नहीं करती तो यह मुछे कमजोर और मजबूर समछ कर मुछे परेसान करता और इसकी हरकते बड़ जाती इस लिए मैंने ऐसा किया ! फिर क्या था सारी सवारिया एक साथ बोल उठी इसे तुरंत आटो से उतारते हो की हम सभी उतर जाये ? फिर क्या था ऑटो वाले को रोक कर उस लड़के को उतरना पड़ा  ? मै सारे रास्ते यही सोचता रहा की सभी लडकिया ऐसे ही साहस का परिचय दे तो सायद इस  छेड़ खानी  पर अपने आप ही विराम लग जाये?

7 تعليقات

  1. आप सही सोच रहे हैं.

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  2. हौसला और साहस रखना जरुरी है - हम सभी को भी मूक दर्शक नहीं सही बात या व्यक्ति का साथ देना चाहिए.

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  3. deepak ji aap ne jo bat rakhi hai sahi rakhi hai ladkiya ye sahas karen to bahut achchha hai kintu aaj is sahas ka jawab bhi bahut seeladkiyon ko tejab kand ke roop me bhugatna pad raha hai.aur is samasya ka kahin ant hota nahi dikh raha.
    shandar post.

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  4. ji shi kaha aapne aesa hi hona chahiye .
    thoda sahas to dikhana hi chahiye.
    rachana

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  5. ज़रूरी है हिम्मत बनी रहे..... सहमत

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  6. बहुत खूब! बहुत सुन्दर रचना..

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  7. Deepak ji,
    salini ji ne apake blog se parichay karaya ,shalini ji ka abhar,saath hee main aapake bare men vistar se jajana chahta hoon, yadi apako uchit lage to.
    S.N.Shukla
    deepak ji s.n.shukla ji ne yeblog achchhalaga par aapke liye yah tippani ki hai aap inke blog MERI KAVITAYEN par [http://snshukla.blogspot.com]ke madhyam se ja sakte hain aur inki jigyasa shant kar sakte hain.ye hamari aapse prarthna hai ki aap vahan avashay jayen.

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