Wednesday, 12 December 2012

..प्यार की दौलत

बात उस समय की जब राजा हुआ करते थे एक बार राजा ने भोज के लिए  ब्राह्मणों को आमंत्रित किया सभी ब्राह्मण राजा का प्रस्ताव स्वीकार कर भोज में आमंत्रित हुए उसमे से एकी ब्राह्मण ने राजा से पूछा यह भोज करने का कारन बताओ राजा ने कहा यह भोज मई अपने पुत्र के गुरुकुल से नगर आगमन पर कर रहा हु उस ब्राह्मण ने रजा से अपने पुत्र को  मिलाने का आग्रह किया रजा ने अपने पुत्र से ब्राह्मण के चरण स्पर्श करने को कहा पुत्र ने रजा की कहई बात के अनुसार सभी ब्राह्मणों के चरण स्पर्श कर अशिर्बाद लिया फिर अपने स्थान पर  जाकर बैठ गया भीर सभी ब्राहमण ने भोजन किया और भीर राजा को अशिर्बाद देकर जाने लगे तभी राजा ने सभी से रुकने का अगढ़ किया और एक खुस्बरी की बात कह कर सभी लोगो को वह रोक लिया  भीर ब्राह्मणों से सलाह देने को कहा की मई अपने पुत्र को राजा बनाना चाहता हु कैसा है मेरा यह फैसला सभी तो मान गए लेकिन एक ब्राह्मण ने कहा की पहले राज कुमार को परीछा देनी होगी रजा अछ्म्भित होकर कैसी परीछअ  ब्राह्मण ने कहा पहले राज कुमार यह सिद्ध करे की वोह राजा बन्ने के काबिल है ब्राह्मण ने कहा मेरे एक प्रश्न का उत्तर दे राज कुमार पहले राज कुमार बहुत ही आदर पूर्वक अपना प्रश्न पूछे ब्राह्मण ब्राह्मण ने कहा बताओ बताओ सबसे ज्यादा गरीब कौन राज कुमार पहले कुछ देर सोचते रहे फिर बहुत ही नम्रता से उत्तर दिया हे ! ब्राह्मण यहाँ तो सबसे ज्यादा तो बिन माँ का बेटा सबसे ज्यादा गरीब होता है क्योकि इस जहा में सबसे बड़ी दौलत तो माँ का प्यार होता है और उसी प्यार से महरूम हो जाते है बिन माँ के बच्चे  माँ सबसे महान उसका जैसा कोई नहीं इस जहा में महान ...................................................

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