Thursday, 27 September 2012

काफी समय बाद

काफी समय से अपने ब्लॉग से दूर रहा हु अब अपने ब्लॉग पर कुछ रोचक कहानियो के साथ उपस्थित होने जा रहा हु मुछे उम्मीद है आप लोगो का प्यार पहले जैसे ही मुछे मिलेगा मै अभी तक कुछ निजी परेशानियो के कारन अपने ब्लॉग में कोई भी पोस्ट नहीं दे पाया हु इसलिए आप लोमै गो से यह उम्मीद रखता हु की आप लोग मुछे पहले जैसे प्यार देगे 

                                   चतुर व्यापारी

 

यह कहानी एक ऐसे व्यापारी की है जो एक बार वह अपने बिजनेस के सिलसिले से अपने देश से बहार अर्थात विदेश जा रहे थे तो उन्हें प्लेन में एक चोर से मुलाकात हो गई वह चोर भी  उसी प्लेन से विदेश जा रहा था वह चोर व्यापारी के बगल में आकर बैठ गया उस चोर की नजर व्यापारी की जेब  में रखे हीरे में थी वह चोर व्यापारी के सोने का इन्तजार करने लगा जब व्यापारी सो गया तो उसने व्यापारी के जेब से वोह हीरे निकाल लिए जब व्यापारी की नींद खुली तो उसने अपनी जेब में नजर दौड़ाई तो उसकी जेब में हीरे नहीं थे वह  माजरा समछ गया अब वोह हीरे उस चोर से कैसे वापस लिए जाये उसने मन में ही बड़ बडबराने  लगा और कहने लगा की हे भगवान् जो मेरी जेब में पत्थर रखे है उन्हें किस दुष्ट व्यक्ति को दिया जाये जाये जिससे उस व्यक्ति का सारा परिवार तितर वितर हो जाये यह बात बगल में बैठा चोर सुन रहा था उस चोर ने उस व्यापारी से उन पत्थरो के बारे में पूछा व्यापारी ने बड़े ही सहज भाव से उसको जवाब दिया उस व्यापारी ने कहा मेरी जेब में हीरे की तरह दिखने वाले पत्थर है यह पत्थर बड़े ही मन्हूश है यह पत्थर जिस भी व्यक्ति को दे दिए जाये उस व्यक्ति का सारे  परिवार पर बिप्पत्ति आ जाती है वह चोर यह सुन कर घबरा गया अब उसने सोचा की यह पत्थर कैसे उस व्यापारी को वापस दिया जाये उसने फिर से उस व्यापारी के सोने का इन्तजार करने लगा वोह व्यापारी फिर से सोने का बहाना कर के अपनी आंखे बंद कर ली उस चोर ने समझा वयारी सो गया है तो उसने वोह हीरे व्यापारी की जेब में रख दिए इस तरह व्यापारी ने अपनी सुछ बुछ से अपने हीरे वापस प्राप्त कर लिए 
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