Sunday, 3 July 2011

मेहनत का फल मीठा होता है

यह कहानी प्राचीन काल की!!!  एक राजा था वोह घुमने जा रहा था ! राजा ने रास्ते में एक पत्थर रक्खा  देखा ! वोह इन्तजार करने लगा की कोई आकर इस पत्थर को यहाँ से हटाये ! तभी राजा के कुछ साथी वहा आ गये ! उन्होंने पत्थर हटाने की वजाए राजा  को ही उस पत्थर को वहा होने का जिम्मेदार ठहराया  , परन्तु किसी ने पत्थर को वहा से हटाने की कोसिस नहीं की ! कुछ समय बाद वहा से एक किसान गुजरा वोह अपने सर पर सब्जियों का बोछ  रखके हुआ था ! उसने वहा पर एक बड़ा पत्थर रखा  देखा !उस किसान ने सब्जियों को निचे रख कर उस पत्थर हटाने लगा कुछ समय पश्चात वोह वह पत्थर हटाने में कामयाब हो गया !और फिर वह सब्जियों को सर में रखकर चलने लगा ! जब वोह सब्जियों को सर में रखने लगा उसने देखा की जहा पर पत्थर रख्का था वहा एक थैला  पड़ा है उसने सब्जियों को निचे रखकर उस थैले  को उठाया उस थैले  में सोने की असरफिया थी उसने वोह थैला  राजा के पास जाकर उन्हें देने लगा लेकिन राजा ने वह थैला  लेने वजाय उस किसान को दे दिया और कहा यह तुम्हारी  मेहनत का फल है ! वहा मोजूद राजा के व्यापारी दोस्त उस थैले  को ललचाई नजरो से देख  रहे  थे ! उस थैले  को किसान को सुपुद्र  करके राजा ने कहा की तुमने इस रास्ते को साफ़ किया है और यहाँ से गुजरने वालो को जाने की सुबिथा की है इसलिए यह सारी असरफिया उस किसान की मेहनत का फल है और राजा वहा से चले गए ! किसान वोह असरफिया लेकर  खुशी - २ वहा से चला  गया! इसी लिए कहते है मेहनत का फल मीठा होता है ?"
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-------------किसी ने सच कहा है मेहनत का फल मीठा होता है -----------------
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-------------मेहनत के लिए किसी ने  यही कहावत कही  हुई  की--------------- ------------------------------------------------------------------------------------------                            करत -२ अभ्यास के जड़ मति होत सुजान ,
                         रसरी आवत जात ते सिल पर पडत निसान!!
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8 comments:

  1. आपकी कहानी का इंतजार रहता है।

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  2. प्रेरक कहानी. वर्तनी की अशुद्धियों की ओर ध्‍यान दें.

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  3. प्रेरक कथा। शुभकामनायें। राहुल जी की बात पर ध्यान दें।

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  4. प्रेरक कथा
    बहुत-बहुत आभार महोदय ||

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  5. सही कथन व् प्रेरक कथा ---

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  6. bahut sahi kahani padhvayee hai aaj deepak ji.ham bhi aaye din dekhte hain ki sadak par koi eent padi hoti hai to log usse bach kar nikal jate hai par koi bhi use hatata nahi hai.ye to sahi hai hi ki mehnat ka fal meetha hota hai par ah bhi kha to koi mehnati hi sakta hai aur yah kabhi kabhi hi hota hai.

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  7. prerak katha ke liye sukriya

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