Friday, 24 June 2011

अन्धो की गणना

एक बार की बात है अकबर और बीरबल दरवार में थे तभी अकबर ने बीरबल से पूछा की हमारे देश में कितने अंधे लोग है मुछे अपने देश में अन्धो की जनसँख्या कितनी है यह तुम मुछे पता करके बताओ बीरबल ने कहा ठीक है महाराज मै आपको एक महीने के अन्दर गणना करके बता दुगा अकबर ने कहा ठीक है अब बीरबल वहा से चल दिया और दुसरे दिन से गणना करने में लग गए उन्होंने गणना करने का जो तरीका अपनाया वोह महाराज के समछ में नहीं आया उनका तरीका जो था वोह एक जगह पर बैठ कर गणना करने का था बीरबल ने एक रजिस्टर लिया और वोह बाजार में जाकर मोची का काम करने लगे उनको जो भी देखता वोह यही पूछता क्या कर रहे जो भी बीरबल से पूछता क्या कर रहे हो उसका नाम रजिस्टर में लिख लेते बीरबल अब एक महिना होने को था तभी महीने के आखिरी दिन महाराज वहा से गुजर रहे थे बीरबल को मोची का काम करते    देख  बीरबल से  पूछा  क्या कर रहे हो बीरबल बीरबल ने उनका भी नाम लिख लिया रजिस्टर में और महाराज के जवाब का कुछ उत्तर नहीं दिया अब बीरबल दरबार में पेस हुए अकबर ने पूछा अन्धो की जनगणना कर ली बीरबल ने कहा जी महाराज अकबर ने पूछा अन्धो की संख्या कितनी है बीरबल ने सर चहकते हुए कहा महाराज यहाँ सभी अंधे है महाराज ने पूछा वोह कैसे  बीरबल ने कहा देखिये  महाराज  मै बाजार में मोची का काम कर रहा  था मैंने  जिसको  भी देखा  उसने  मुछसे  यही पूछा की क्या कर रहे हो अगर  अंधे न  होते  तो  वोह मुछसे यह  प्रस्न  ही न करते महाराज ने बीरबल से कहा तुम्हारा भी    जवाब नहीं कैसे - २ काम करते हो  अब महाराज और बीरबल दोनों  हसने  लगे और अपने -२ रस्ते  चल दिए 

10 comments:

  1. अच्छी शुरुआत है थोडा अशुद्धियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है

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  2. आपकी टिप्पणी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने! बेहतरीन प्रस्तुती!

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  3. माल तो अच्छा है पर ब्लाग बड़ा ख़ुफ़िया सा है :)

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  4. aapka blog bahut achchha laga.aur kya kahoon bahut anokha laga.mere blog par aane ke liye shukriya.deepak ji.word veri fication hata len isse comment karne me deri hoti hai.

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  5. bahut khoob likha hai DEEPAK ji aapne .badhai .

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  6. Wow!
    Nice one...an old Story in a new blog....fruitful post.

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  7. सटीक बात...सुंदर विचार।

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  8. आज भी इस दुनिया में सब अक्ल से अंधे हैं.

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  9. बहुत बढ़िया लिखा है आपने! बेहतरीन प्रस्तुती!

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